Rework किताब के लेखक Jason Fried और David Heinemeier Hansson बताते हैं कि सफल बिज़नेस या अच्छा काम करने के लिए हर बार बड़े ऑफिस, बड़ी टीम या ज़्यादा पैसे की ज़रूरत नहीं होती।
अक्सर लोग काम शुरू करने से पहले बहुत योजना बनाते हैं।
लेकिन लेखक कहते हैं कम सोचिए, जल्दी शुरू कीजिए और काम करते हुए सीखिए।
यह किताब पुराने बिज़नेस नियमों को चुनौती देती है और सिखाती है कि सरल तरीके से भी बड़ा काम किया जा सकता है।
शुरू करने के लिए सही समय का इंतज़ार मत करो
बहुत लोग कहते हैं
- पहले पैसे आ जाएँ।
- पहले सब कुछ सीख लें।
- पहले सही मौका मिल जाए।
लेकिन सही समय कभी अपने आप नहीं आता।
उदाहरण
अगर आप यूट्यूब चैनल शुरू करना चाहते हैं,
तो पहले 100 वीडियो की योजना मत बनाइए।
पहला वीडियो बनाइए।
बाकी रास्ता काम करते-करते साफ होता जाएगा।
क्या करें?
जो काम महीनों से सोच रहे हैं,
उसका पहला छोटा कदम आज ही उठाइए।
योजना से ज़्यादा काम ज़रूरी है
बहुत लंबी योजना बनाने से सफलता तय नहीं होती।
क्योंकि हालात बदलते रहते हैं।
उदाहरण
अगर कोई दुकान खोलने से पहले दो साल सिर्फ योजना बनाता रहे,
तो हो सकता है बाज़ार ही बदल जाए।
लेकिन जो जल्दी शुरू करता है,
वह गलतियों से सीखकर आगे बढ़ जाता है।
क्या करें?
योजना बनाइए,
लेकिन जल्दी काम शुरू कीजिए।
कम चीज़ें करें, लेकिन अच्छी करें
हर काम करने की कोशिश करने से गुणवत्ता घट जाती है।
उदाहरण
अगर आपका लक्ष्य एक अच्छी किताब लिखना है,
तो एक साथ किताब, ब्लॉग, पॉडकास्ट और पाँच नए प्रोजेक्ट शुरू मत कीजिए।
पहले एक काम पूरा कीजिए।
क्या करें?
हर दिन सिर्फ सबसे महत्वपूर्ण काम पर ध्यान दें।
व्यस्त होना सफलता नहीं है
बहुत लोग पूरे दिन व्यस्त रहते हैं,
लेकिन दिन के अंत में कोई बड़ा काम पूरा नहीं होता।
उदाहरण
हर पाँच मिनट में ईमेल देखना,
मीटिंग करना,
और मोबाइल चलाना
ये काम आपको व्यस्त दिखा सकते हैं,
लेकिन आगे नहीं बढ़ाते।
क्या करें?
अपने दिन का सबसे अच्छा समय,
सबसे महत्वपूर्ण काम के लिए रखें।
पूर्णता के पीछे मत भागो
बहुत लोग इसलिए शुरुआत नहीं करते,
क्योंकि उन्हें सब कुछ परफेक्ट चाहिए।
लेकिन लेखक कहते हैं पूरा किया हुआ काम, परफेक्ट काम से बेहतर है।
उदाहरण
अगर आपका पहला लेख बिल्कुल सही नहीं है,
तो भी उसे लिखिए।
अगला लेख पहले से बेहतर होगा।
छोटी टीम भी बड़ा काम कर सकती है
बड़ी टीम हमेशा बेहतर परिणाम नहीं देती।
कई बार कम लोग,
ज़्यादा तेज़ और साफ़ तरीके से काम करते हैं।
उदाहरण
दो लोग मिलकर एक छोटा ऑनलाइन बिज़नेस शुरू कर सकते हैं,
अगर उनका ध्यान सही काम पर हो।
7. बहाने छोड़िए, समाधान ढूँढ़िए
अगर हर समस्या का बहाना ढूँढ़ेंगे,
तो कभी आगे नहीं बढ़ेंगे।
उदाहरण
अगर आपके पास महँगा कैमरा नहीं है,
तो मोबाइल से शुरुआत कीजिए।
काम शुरू करना,
सही साधनों का इंतज़ार करने से बेहतर है।
ग्राहक की समस्या हल करें
हर सफल बिज़नेस की शुरुआत एक सवाल से होती है
मैं लोगों की कौन-सी समस्या हल कर सकता हूँ?
उदाहरण
अगर आपका प्रोडक्ट लोगों का समय बचाता है,
या उनका काम आसान करता है,
तो लोग उसे अपनाने की संभावना ज़्यादा होती है।
क्या करें?
अपने काम से पहले यह सोचिए इससे दूसरे लोगों को क्या फायदा होगा?
काम की पहचान, बातों से नहीं होती
बहुत लोग अपने आइडिया के बारे में बात करते रहते हैं।
लेकिन सफलता उन लोगों को मिलती है,
जो काम करके दिखाते हैं।
उदाहरण
अगर आप कहते हैं कि किताब लिखेंगे,
तो लोग कुछ समय बाद भूल जाएँगे।
लेकिन अगर किताब लिखकर प्रकाशित कर दें,
तो वही आपकी पहचान बन जाएगी।
लगातार सुधार करते रहिए
कोई भी काम पहली बार में पूरी तरह सही नहीं होता।
सफल लोग हर दिन थोड़ा-थोड़ा सुधार करते हैं।
उदाहरण
अगर आपका यूट्यूब वीडियो अच्छा नहीं बना,
तो अगली बार आवाज़ सुधारिए।
फिर एडिटिंग सुधारिए।
फिर बोलने का तरीका सुधारिए।
छोटे सुधार,
बड़े परिणाम देते हैं।
इस किताब से मिलने वाली सबसे बड़ी सीख
- सही समय का इंतज़ार मत करें।
- योजना से ज़्यादा काम पर ध्यान दें।
- कम काम करें, लेकिन पूरी गुणवत्ता से करें।
- व्यस्त नहीं, उपयोगी बनें।
- परफेक्ट बनने के इंतज़ार में शुरुआत मत रोकें।
- छोटी टीम भी बड़ा काम कर सकती है।
- बहाने नहीं, समाधान खोजें।
- लोगों की समस्या हल करने वाला काम करें।
- बातें कम, काम ज़्यादा करें।
- हर दिन थोड़ा सुधार करें।
अंतिम संदेश
Rework की सबसे गहरी सीख यह है कि सफलता के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ बड़े संसाधन नहीं, बल्कि सही सोच और लगातार काम करना है।
अगर आप आज से शुरुआत करें, कम लेकिन महत्वपूर्ण काम करें, और हर दिन थोड़ा सुधार करें, तो समय के साथ बड़े परिणाम मिल सकते हैं।
याद रखिए
काम शुरू करने वाले लोग अक्सर उन लोगों से आगे निकल जाते हैं, जो सही समय का इंतज़ार करते रहते हैं।