The Disciplined Trader Book Summary Hindi

The Disciplined Trader बुक से हम ट्रेडिंग मनोविज्ञान को जानना, अनुशासन विकसित करना, संभावना और अनिश्चितता को स्वीकार करना, रिस्क को मैनेज करना और बिजनेस की तरह ट्रेड करना सीख सकते है।

लेखक Mark Douglas द्वारा लिखित The Disciplined Trader बुक फाइनेंसियल मार्केट पर लिखी गई अब तक की बेस्ट किताबों में से एक है। मार्केट में पैसा बनाने के लिए डिसिप्लिन की आवश्यकता होती है। और यह किताब बताती है कि हम किस प्रकार डिसिप्लिन के साथ अपने सिस्टम को फॉलो कर सकते हैं। ट्रेडिंग करना एक साइकोलॉजिकल खेल है, जिसमें अगर डिसिप्लिन आ जाए तो यह मैनेजमेंट के साथ चलती है, और डिसिप्लिन चला जाए तो यह सट्टेबाजी पर उतर आती है।

हर सफल व्यक्ति बताता है कि डिसिप्लिन जरूरी है। लेकिन डिसिप्लिन विकसित करना उतना आसान भी नहीं है। क्योंकि यह पूर्ण रूप से मानसिक अवस्था पर निर्भर करता है, और मानसिक अवस्था को बदलने में अभ्यास और समय की आवश्यकता होती है।

The Disciplined Trader Book Summary
The Disciplined Trader Book Summary Hindi

ट्रेडिंग का मनोविज्ञान

भावनात्मक रूप से ट्रेडिंग में होने वाली सभी प्रक्रियाएं, मानसिक साइकोलॉजी कहलाती है। इसमें एक न्यू ट्रेडर अपने सिस्टम को छोड़कर (मुझे लगता है, मैं यहां अधिक प्रॉफिट बना सकता हूं, यह कैंडल बहुत अच्छी है) पर ट्रेड लेता है।

ट्रेडिंग साइकोलॉजी सही से विकसित न होने के कारण हम मार्केट से प्रॉफिट नहीं बना सकते। इसके कई कारण है;

  1. हम आधा-अधूरा होमवर्क करके ट्रेडिंग करने जाते हैं।
  2. स्टॉप लॉस हिट हो जाने के बाद भी ट्रेड को opposite दिशा में चलने देते हैं।
  3. प्रॉफिट होने पर, प्रॉफिट चला न जाए इसलिए थोड़ा हरा दिखने पर काट देते हैं।


ट्रेडिंग में 80% साइकोलॉजी और 20% methodology, fundamental और technical काम करता है।

हमारी साइकोलॉजी जितनी अच्छी हो, हम उतनी ही जल्दी loss की मानसिकता से बाहर आ जाते है, हम revenge ट्रेडिंग के शिकार नहीं होते, हम डिसिप्लिन के साथ अपने rules फॉलो करते हैं, और सिस्टम के entry-exit का इंतजार कर सकते हैं।

अनुशासन विकसित करना

एक ट्रेडर के रूप में हमें जो काम स्वयं से करने चाहिए, अगर हम वे करते हैं तो हम आत्म अनुशासित हैं। अगर नहीं करते हैं तो हमें सीखना होगा।

आत्म अनुशासन के बिना ट्रेडिंग करना ऐसा लगता है जैसे बिना steering के कार चलाना। उस ट्रेडिंग का कोई भविष्य नहीं होता, वह किसी भी दिन हमें बर्बाद कर सकती हैं।

आत्म अनुशासन के बिना हम ट्रेडिंग में होमवर्क, डिसिप्लिन, मनी मैनेजमेंट, सिस्टम मैनेजमेंट, रिस्क मैनेजमेंट और पोजीशन मैनेजमेंट फॉलो नहीं करते हैं।

आत्म अनुशासन के बिना हमारी ट्रेडिंग लाइफ चल नहीं सकती, वह बहुत जल्दी ही धराशाई हो जायेगी। आत्म अनुशासन ट्रेडिंग में वह मूल तत्व है, जिससे ट्रेडिंग में भावनाओं को नियंत्रित किया जाता है।

जैसे हम स्वयं सोचते हैं कि ट्रेडिंग करनी है तो हमें स्वयं सोचना होगा कि ट्रेडिंग होमवर्क और rules भी फॉलो करने होंगे। ट्रेडिंग में हमें, कोई दूसरा नहीं सीखा सकता, स्वयं सीखना होता है इसलिए भी आत्म अनुशासन आवश्यक है।

संभावना और अनिश्चितता

दस ट्रेड में से कोई सेटअप कितनी बार चलता है, इसी को उस सेटअप की संभावना कहते हैं। दस ट्रेड में से हमें किस ट्रेड में प्रॉफिट होगा और किस-में लॉस, यह कोई नहीं जानता, इसे अनिश्चितता(uncertainty) कहते हैं।

जब कोई ट्रेडर संभावना और uncertainty को स्वीकार करना बंद कर देता है तो उसकी ट्रेडिंग सफलता की उम्मीद भी घट जाती है। क्योंकि एक ट्रेडर संभावनाओं के base पर ही कोई profitable ट्रेडिंग सेटअप ढूंढ सकता है।

और uncertainty के कारण वह अपने लॉस को स्वीकार करने के लिए हमेशा तैयार रहता है। इससे वह यह जान जाता है कि उसके ट्रेड की चलने की संभावना अधिक है लेकिन उसे एक-दो ट्रेड में लॉस भी हो सकता है।

संभावना और uncertainty को स्वीकार करने के कुछ नियम इस प्रकार है;

  1. हमें अपने लिए अच्छा सेटअप ढूंढना होगा, जो अधिकतर बार हमें प्रॉफिट देता हो।
  2. हमें uncertainty को स्वीकार करना सीखना होगा। क्योंकि मार्केट में प्रॉफिट के साथ लॉस भी छुपा होता है। और हम नहीं जानते कि कब प्रॉफिट या लॉस होगा।
  3. किसी दिन मार्केट हमारी उम्मीदों से ज्यादा ऊपर नीचे होता है, इसके कारण अपने सेटअप को ना छोड़ना।

ट्रेडिंग रिस्क मैनेजमेंट

ट्रेडिंग में हमारा अधिक लॉस ना हो या ट्रेडिंग capital बर्बाद ना हो, इसके लिए कुछ नियम बनाए जाते हैं इन्हें रिस्क मैनेजमेंट कहते हैं। हर field में प्रॉफिट बनाने के लिए हमें रिस्क को मैनेज करना पड़ता है ताकि अधिक प्रॉफिट और कम लॉस हो।



ट्रेडिंग में, केवल पैसों का ही रिस्क नहीं होता, बल्कि हमारी भावनाओं का भी रिस्क होता हैं।

ट्रेडर्स अक्सर यह सोचते हैं कि उन्हें कुछ पैसे गंवाने पर ज्यादा नुकसान नहीं होगा। लेकिन वे यह सोचना भूल जाते हैं कि उनके विचार और सोचने का तरीका भी इससे प्रभावित होने वाला हैं।

लेखक हमें तीन प्रकार के रिस्क मैनेजमेंट के बारे में बताते हैं; कैपिटल मैनेजमेंट, भावनात्मक मैनेजमेंट और सिस्टम मैनेजमेंट। यह तीनों रिस्क मैनेजमेंट के अंतर्गत आते हैं और इन तीनों पर काम करना जरूरी है।

  1. Capital Management; हमें अधिक समय तक मार्केट में टिके रहने में मदद करता है।
  2. Emotion Management; हमें भावनात्मक रूप से ट्रेडिंग करने से बचाता हैं।
  3. System Management; हमें एक प्रक्रिया को फॉलो करने में मदद करता है।

बिजनेसमैन की तरह ट्रेड करना

बिजनेस की परिभाषा सभी के लिए अलग-अलग होती है और मेरी इस प्रकार है कि कोई काम जिसे हम लंबे समय तक सीखते हैं, जो हमें पैसा देता है और जिसके हम स्वयं मलिक हैं, जहां तीनों चीजें लागू होती है वह मेरे लिए बिजनेस कहलाता है।

जो ट्रेडर ट्रेडिंग में Businessman की तरह काम नहीं करता, वह ट्रेडिंग लाइफ में बहुत कम समय का मेहमान होता है। एक न्यू ट्रेडर यह सोचता है कि ट्रेडिंग में हर कोई पैसा बना रहा है तो मैं भी पैसा बना सकता हूं।

वह बिना किसी rules और सिस्टम के ट्रेडिंग में उतरता है। लेकिन वह यह भूल जाता है कि यह एक बिजनेस है। जब ट्रेडर्स, ट्रेडिंग को बिजनेस ना समझकर, पैसे बनाने की मशीन समझने लगते हैं तब वे ट्रेडिंग में अपना सारा पैसा गवा देते हैं।

बिजनेस, सिस्टम और नियम पर बना होता है। सफल ट्रेडर्स इस बात को जानते हैं, इसलिए वे अपने सिस्टम को फॉलो करते हैं और गलतियां होने पर उसे अपडेट भी करते हैं।

कहते हैं कि नियम समय के साथ बदलते रहते हैं और अपने सिस्टम को भी समय के साथ अपडेट करते करना है। ट्रेडिंग बिजनेस के अनुसार हमें अपने नियम, प्रॉफिट, और लॉस को analysis करना जरूरी है।

निष्कर्ष

The Disciplined Trader बुक समरी में हमने पांच महत्वपूर्ण बातें सीखी जो इस प्रकार हैं;

  1. ट्रेडिंग में भावनात्मक उतार-चढ़ाव को मैनेज करने के लिए ट्रेडिंग के मनोविज्ञान को समझना जरूरी है।
  2. ट्रेडिंग अनुशासन विकसित करना, एक ट्रेडर को ट्रेडिंग प्रक्रिया फॉलो करने में मदद करता है।
  3. संभावनाओं को ढूंढना और uncertainty को स्वीकार करना, हमारे ट्रेडिंग सिस्टम को बेहतर बनाता है।
  4. एक ट्रेडर को हमेशा अपने रिस्क पर काम करना होगा क्योंकि रिस्क हमारे हाथ में है और प्रॉफिट मार्केट के।
  5. हर ट्रेडर को यह याद रखना होगा कि ट्रेडिंग एक बिजनेस है।

END