New Trader Rich Trader बुक समरी में हम भावनाओं को मैनेज करना, अपनी ट्रेडिंग कैपिटल को बचाना, टेक्निकल एनालिसिस के बारे में जानना, ट्रेंड फॉलो करना, और ट्रेडिंग सिस्टम बनाना सीखेंगे।
लेखक Steve Burns And Holly Burns द्वारा लिखित New Trader Rich Trader बुक ट्रेडिंग की दुनिया में अपनी यात्रा शुरू करने वालों के लिए एक गाईड के रूप में काम करती है। यह बुक हमें एक सोच प्रदान करती हैं, जो नए ट्रेडर्स को सफल ट्रेडर्स में बदल सकती हैं। यह बुक हमें basic ट्रेडिंग से लेकर advance ट्रेडिंग तक की मानसिकता और रिस्क मैनेजमेंट के बारे में बताती है।
इस बुक का हर एक नियम ट्रेडर के लिए महत्पूर्ण है। इसलिए इन नियमों को जानने के बाद हमें अपने अनुभव से यह देखना है कि ये नियम हमारे लिए किस प्रकार काम करता हैं।
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| New Trader Rich Trader Book Summary Hindi |
भावनाओं का मैनेजमेंट
ट्रेडिंग एक इमोशनल खेल है। यहां कुछ पैसा कमाने पर हमारा लालच हम पर हावी हो जाता है। और कुछ पैसा लॉस करने पर हमारा डर हमें पकड़ लेता है। इसलिए ट्रेडिंग में कुछ साल सिखने के लिए देने पड़ते है। ताकि हम ट्रेडिंग खेल की भावनाओं को समझ सकें।
अगर हम अपने इमोशंस को नहीं समझते हैं तो हमें पहले अपने इमोशन पर काम करना होगा, नाकि ट्रेडिंग से पैसा बनाने पर। क्योंकि इस बात की संभावना अधिक है कि हम अपनी ट्रेडिंग कैपिटल को खो देंगे।
भावनात्मक विकास वह अवस्था है, जब ट्रेडर प्रॉफिट और लॉस को समान रूप से स्वीकार करता है, और बिना प्रॉफिट और लॉस से दुखी और खुश हुए अपनी ट्रेडिंग प्रक्रिया को दोहराता रहता है। इसलिए ट्रेडिंग में हम जितना अपनी भावनाओं पर नियंत्रण और सिस्टम का उपयोग करते है, उतनी ही हमारी सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
भावनात्मक विकास इन चीजों पर कार्य करने से विकसित होता है।
- मार्केट में प्रतिदिन बने रहने से।
- अपना होमवर्क करने से।
- सिस्टम के रूल फॉलो करने से।
- मनी मैनेजमेंट से।
ट्रेडिंग कैपिटल का बचाव
ट्रेडिंग में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ट्रेडिंग कैपिटल को बचाना है। हम 10 ट्रेड में लॉस करते हैं, और अपनी ट्रेडिंग कैपिटल का केवल 10% हिस्सा ही गंवाते हैं तो भी हम आगे ट्रेड कर सकते हैं। लेकिन 10 ट्रेड में हम पूरी कैपिटल साफ कर देते हैं तो हम आगे ट्रेड नहीं कर सकते।
ट्रेडिंग कैपिटल न बचा पाने के कई कारण है उनमें से कुछ इस प्रकार है;
- एक बेहतर ट्रेडिंग प्लान का ना होना।
- सही जगह पर entry और stoploss सेट न करना।
- सिस्टम stoploss का उपयोग न करना।
- अपने सिस्टम का risk-to-reward ratios न जानना।
- मनी मैनेजमेंट फॉलो ना करना।
- अनुशासन के साथ ट्रेडिंग न करना।
- साथ ही हमें ट्रेडिंग कैपिटल और लर्निंग कैपिटल में फर्क पता न होना।
Learning कैपिटल, ट्रेडिंग कैपिटल से बहुत छोटी होती है। यह किसी सिस्टम या strategy को test करने के लिए उपयोग की जाती हैं। वही ट्रेडिंग कैपिटल एक बड़ा अमाउंट होता है, जिसे एक प्रॉपर ट्रेडिंग सिस्टम या srategy के साथ मार्केट में ट्रेड करते हैं। इस कैपिटल का रिस्क पहले से ही ट्रेडर के अनुभव के अनुसार डिसाइड होता है।
Technical Analysis
टेक्निकल एनालिसिस का मतलब चार्ट पढ़ने की कला से है। और चार्ट पढ़ने के लिए कई टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है जैसे trend line, support और resistance, indicator और oscillator। हर ट्रेडर अपनी सुविधा के अनुसार चार्ट पढ़ने के लिए अलग-अलग टूल का इस्तेमाल करता है।
एक समय था जब फंडामेंटल बहुत मायने रखता था, और आज का समय है जिसमें ट्रेडिंग करने के लिए टेक्निकल एनालिसिस ज्यादा मायने रखता है। अगर एक ट्रेडर चार्ट पढ़ने की कला नहीं जानता है तो वह ट्रेडिंग से पैसा नहीं बना सकता। क्योंकि टेक्निकल एनालिसिस के बिना, हम यह पता नहीं कर सकते कि मार्केट किस दिशा में जा रहा है।
कुछ लोग टेक्निकल एनालिसिस को फॉलो करके अच्छा पैसा बना लेते हैं, और कुछ लोग फंडामेंटल को फॉलो करके भी अच्छा पैसा बना लेते हैं। यह हमें अपनी मानसिकता के अनुसार डिसाइड करना होता है हम किसका इस्तेमाल करना चाहते हैं। एक day ट्रेडर के लिए टेक्निकल एनालिसिस जरूरी है क्योंकि, day ट्रेडिंग के समय ट्रेंड फॉलो करना होता है।
ट्रेंड फॉलो करना
अगर मार्केट ऊपर जा रहा है तो उसे uptrend मार्केट कहते हैं, और अगर मार्केट नीचे जा रहा है तो उसे downtrend मार्केट करते हैं, जब मार्केट कहीं नहीं जा रहा है तो उसे sideways मार्केट कहते हैं। हमें uptrend मार्केट में हमेशा bullish ट्रेड ही ढूंढना है, और downtrend मार्केट में हमेशा bearish ट्रेड ही ढूंढना है।
लेखक का कहना है कि अगर हम ट्रेंड के अनुसार नहीं चलते है तो हम मार्केट से कभी पैसा नहीं बना सकते। जो लोग ट्रेंड के opposite जाते हैं और कभी-कभी जीत जाते हैं। यह भी हो सकता है कि 10 में से 2 ट्रेड जीत जाए लेकिन 8 ट्रेड में वे अपना सारा पैसा गवा देंगे।
ट्रेंड के साथ ट्रेडिंग करने से पहले हमें ट्रेंड के बारे में पता होना जरुरी है। इसलिए हमें daily चार्ट से शुरू करना होगा ताकि पता चले कि हमारा स्टॉक और इंडेक्स किस दिशा में जा रहा है। उसके बाद 1 घंटे के और 30 मिनट के चार्ट को भी देखें कि मार्केट अभी क्या कर रहा है? उसके बाद ही intraday levels बनाए जाते हैं और उन्हें ट्रेड करने के लिए धैर्य के साथ इंतजार किया जाता है।
ट्रेडिंग सिस्टम
हर काम के लिए एक सिस्टम होता है जो उस काम को पूरा करने में हमारी मदद करता है। ठीक इसी प्रकार ट्रेडिंग में भी अपनी मानसिकता के अनुसार एक सिस्टम होता है, जिस पर एक ट्रेडर ट्रेड लेता है। यह मार्केट में हमारे लिए एंट्री और एग्जिट करना आसान बनाता है।
एक ट्रेडिंग सिस्टम न होने के कारण एक ट्रेडर अपनी भावनाओं में बहकर कहीं पर भी ट्रेड लेने लगता है। कोई न्यूज़ को देखकर, तो कभी लोगों की सलाहों पर ट्रेड लेता है। इस प्रकार वह पूरी तरह मार्केट में सट्टेबाजी करता है। हम सभी जानते हैं कि सट्टेबाजी से मार्केट में पैसा नहीं बनाया जा सकता, और ना ही हम अनुभवी ट्रेडर से जीत सकते हैं।
एक ट्रेडिंग प्लान होने से, हम एंट्री और एग्जिट के लिए धैर्य के साथ इंतजार कर सकते हैं। हमें यह विश्वास होता है कि हमारा सिस्टम हमें अधिकतर समय प्रॉफिट बनाकर देगा।
ऐसे ट्रेडर की ट्रेडिंग में सफलता की संभावनाएं बढ़ जाती है, और लंबे समय तक वह पैसे बनाता है। एक सिस्टम बनाते समय यह ध्यान रखें कि वह हमारा हो और हम उस सिस्टम के सभी पहलुओं को जानते हो।
निष्कर्ष
New Trader Rich Trader बुक समरी में पांच महत्वपूर्ण बातें सीखी जो इस प्रकार है;
- ट्रेडिंग में सफलता प्राप्त करने के लिए भावनात्मक मैनेजमेंट जरुरी है।
- ट्रेडिंग कैपिटल बचाने से एक ट्रेडर लंबे समय तक ट्रेडिंग में बना रहता है।
- एक डे ट्रेडर को पैसे बनाने के लिए टेक्निकल एनालिसिस का ज्ञान होना जरूरी है।
- Day ट्रेडर का ट्रेंड ही best friend होता है।
- हर सफल ट्रेडर के पास अपना ट्रेडिंग सिस्टम होता है।
