Zero to Win Book Summary Hindi

Zero to Win बुक समरी में हम डॉट-कॉम क्रैश के चार सबक, मोनोपोली के लक्षण, आशावाद और निराशावाद की सोच, रहस्यों को न खोजने के कारण और बिजनेस के सात प्रश्नों के बारे में जानेंगे।

लेखक Peter Thiel द्वारा लिखित Zero to Win बुक समरी में हम एक बिज़नेस की नीव रखना सीखेंगे। यह बुक हमें बताती है कि सफल बिज़नेस के अपने कुछ रहस्य होते है जिनके कारण वे मंदी में भी टीके रहते है। अगर हम एक बिज़नेस बनाने की इच्छा रखते है तो हमें भी अपने बिज़नेस में उन रहस्यों को खोजना होगा, जो हमारी प्रतियोगी कंपनी से 10 गुना बेहतर हो।

यह बुक समरी एक बेहतर निवेश कंपनीयों को पहचानने के उदेश्य से लिखी गई है। अगर किसी कंपनी को बनाने के तरीकों को जानते है तो हमारे लिए बेहतर कंपनी ढूंढना आसान हो जाता है।

डॉट-कॉम क्रैश के चार सबक

  1. लगातार प्रगति करें। भव्य सपने देखना और उस कार्य के लिए शॉर्टकट से पूरा करने की कोशिश करना, यह क्रैश के बुलबुले को फुलाने का आसान तरीका है। दुनिया को बदलने के लिए अधिक विनम्र और लगातार अपने सपनों पर कार्य करना होगा।
  2. कंपनी को व्यवस्थित और लोगों पर केंद्रित रखें। सभी कंपनियों को व्यवस्थित होना होगा, ताकि वे अपनी मोनोपोली पर अधिक ध्यान दे सकें।
  3. प्रतियोगिता में सुधार करें। किसी भी समय नया बाजार बनाने की कोशिश न करें, बल्कि अपने प्रोडॉक्ट को अपने पुराने ग्राहकों के लिए बेहतर करने का प्रयास करें। यह सुधार ही हमें बेहतर प्रोडक्ट और मार्किट की ओर ले जाता है।
  4. प्रोडक्ट पर केंद्रित रहे, सेल्स पर नहीं। अगर हमें प्रोडक्ट को बेचने के लिए विज्ञापन या सेल्स पीपल चाहिए तो यह क्रैश के समय अच्छा नहीं माना जाता था। क्योंकि क्रैश के समय विज्ञापन काम नहीं आये थे।

मोनोपोली के लक्षण

हर मोनोपोली अनूठी होती है परंतु अक्सर उनमें कुछ लक्षणों का मिश्रण पाया जाता है। जो इस प्रकार है;

  1. मालिकाना तकनीक। किसी प्रोडक्ट या सर्विस में, वर्तमान की तुलना में दस गुना बेहतर करके, अपनी कंपनी में विकसित की जा सकती है।
  2. नेटवर्क प्रभाव। अपने प्रोडक्ट को हर यूजर के लिए लाभदायक बनाना होगा। ताकि हमारा हर यूजर नेटवर्क प्रभाव में शामिल हो सकें।
  3. बिक्री की अर्थव्यवस्था। मोनोपोली व्यवसाय बड़ा होने के साथ-साथ मजबूत दिखता है। क्योंकि यहां एक उत्पाद को तैयार करने के लिए अनेक लोग शामिल होते है।
  4. ब्रांडिंग। हर कंपनी के पास, अपने ब्रांड की परिभाषा के अनुसार अपनी मोनोपोली होती है इसलिए हर कंपनी को एक मजबूत ब्रांड बनाना होगा।

अगर हम इन लक्षणों के अनुसार अपने व्यवसाय का विश्लेषण करते हैं तो इससे हमें यह सोचने में मदद मिलती है कि हम अपने बिज़नेस को टिकाऊ कैसे बना सकते है?

आशावाद और निराशावाद की सोच

एक निश्चित सोच वाला व्यक्ति, स्वयं को सबसे अलग बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने के बजाए, वह किसी खास चीज में सबसे अधिक परिश्रम करता है ताकि किसी चीज पर एकाधिकार पा सके।

वर्तमान में युवा पीढ़ी ऐसा नहीं करती है क्योंकि उसके आसपास के सभी लोग एक सुनिश्चित संसार में अपना भरोसा खो चुके हैं।

एक आशावादी भविष्य का स्वागत करता है, और निराशावादी इससे भयभीत होता है। इन संभावनाओं के मेल से हमारे सामने चार नजरिये आते हैं।

  1. अनिश्चित निराशावाद। ये लोग आने वाले पतन का इंतजार करते है। ताकि वे उसके आने तक खा-पीकर मौज कर सके।
  2. निश्चित निराशावादी। ये लोग मानते है कि भविष्य को जाना जा सकता है परंतु यह अंधकार में होगा इसलिए वे इसके लिए तैयार होने की कोशिश करते है।
  3. निश्चित आशावाद। इन लोगों के लिए भविष्य तभी बेहतर होगा जब वे उसे बेहतर बनाने की योजना बनाकर उस पर काम करें।
  4. अनिश्चित आशावाद। ये लोग मानते है कि भविष्य बेहतर होगा परंतु वे यह नहीं जानते कि कितना बेहतर होगा इसलिए वे उसके लिए कोई निश्चित योजना नहीं बनाते है।

रहस्यों को न खोजने के कारण



हर श्रेष्ठ उद्यमी यह जानता हैं कि हर बड़ा व्यवसाय एक ऐसे व्यवहारीक रहस्य के आसपास बनाया जाता है जो बाहरी तौर पर छिपा हुआ हो।

एक बड़ी और महान कंपनी संसार को बदलने की साजिश है जब हम अपने रहस्य बाटते हैं तो उसे पाने वाला व्यक्ति भी हमारी साजिश में हिस्सेदार बन जाता है।

ये वे चार कारण है जिनके कारण कई उधमी अपने बिज़नेस में रहस्यों को नहीं खोज पा रहे है;

  1. पुराने तर्क। बचपन से ही सिखाया जाता है कि जितना कहा जाये उतना ही कार्य करो अगर उससे ज्यादा करोगे तो उसका तुम्हें कोई श्रेय नहीं दिया जायेगा।
  2. जोखिम से बचाव। लोग रहस्यों से भयभीत होते रहे है कि कोई उन्हें गलत साबित न कर दे। अधिकांश लोगों के लिए अकेले और गलत होने की संभावना असहनीय हो सकती है।
  3. आत्मसंतोष। इन लोगो के पास, अपनी सोच को प्रकट करने की आजादी और योग्यता दोनों होती है लेकिन वे रहस्यों में कम विश्वास रखते हैं।
  4. समतल होना। इस मान्यता से जीने वाले सोचते है कि उनसे उच्च बुद्धि ओर विवेक वाले लोगो ने पहले ही वे रहस्य खोज लिए है जो वे खोजना चाहते है।

बिजनेस के सात प्रश्न

1-इंजीनियरिंग का प्रश्न।

क्या हम लगातार सुधार के बजाय बेहतर टेक्नोलॉजी बना सकते हैं? एक अच्छी टेक्नोलॉजी कंपनी के पास ऐसी टेक्नोलॉजी होना चाहिए जो उसकी निकटतम विकल्प कंपनी से कई गुना बड़ी हो।

2-टाइमिंग का प्रश्न।

क्या यह खास तरह के व्यवसाय को आरंभ करने का उचित समय है? धीमी गति से आगे जाने वाले बाजार में कदम रखना एक अच्छी रणनीति हो सकता है परंतु तभी जब हमारे पास इसे आगे ले जाने के लिए कोई अच्छी योजना हो।

3-मोनोपोली का प्रश्न।

क्या आप एक छोटा बाजार के बड़े अंश से आरंभ कर रहे हैं? ग्राहक तब तक किसी खास तरह की तकनीक के बारे में परवाह नहीं करते जब तक यह किसी खास समस्या को खास ढंग से हल न करती हो।

4-लोगों का प्रश्न।

क्या हमारे पास बेहतर टीम है? असफल होने वाली कंपनियों को नॉन -टेक्नोलॉजीकल टीम चलाती है। जो सेल्समैन और एग्जीक्यूटिव पैसे बनाने और सरकार से टैक्स बचाने में अच्छे होते है। परंतु वे ऐसे उत्पाद अच्छी तरह नहीं बना सकते, जो ग्राहक खरीदना चाहते है।

5-वितरण का प्रश्न।

क्या हमारे पास वह उपाय है जो उत्पादन ही नहीं बल्कि उत्पादन का वितरण भी कर सकें? संसार कोई प्रयोगशाला नहीं है, किसी उत्पाद को बेचना और वितरित करना भी उत्पाद जितना ही महत्वपूर्ण होता है।

6-स्थिरता का प्रश्न।

क्या हमारी बाजार की स्थिति आगे आने वाले 10 या 20 वर्ष तक बनी रहने वाली है? हर बिजनेसमैन को यही योजना बनानी चाहिए कि वह अपने खास बाजार में अंतिम समय तक टिक सकें।

7-रहस्य का प्रश्न।

क्या हमने उस अनूठे अवसर को पहचान लिया है जिसे अभी दूसरे नहीं देख सकें। महान कंपनियां के रहस्य होते हैं। यहीं सफलता का एक निश्चित कारण है जिसे दूसरे लोग नहीं देख सकते।

निष्कर्ष

Zero to Win बुक समरी में हमने पांच बातों के बारे में जाना जो इस प्रकार है;

  1. भव्य सपने देखना और उसे करने के लिए शॉर्टकट का उपयोग करना, कंपनी के दिवालिया होने का कारण बनता है।
  2. हम अपनी कंपनी को 10 गुना, दूसरे कंपनीयों से बेहतर कर, मोनोपोली बना सकते है।
  3. हमें अनिश्चितता और निराशावाद से निपटने की योजना बनानी होगी।
  4. हर सफल कंपनी अपने रहस्यों के कारण सफल होती है।
  5. बिज़नेस के वे सात प्रश्न जिन्हें हमें हर दिन खुद से पूछना है, जो हमें अपने बिज़नेस को हर दिन बेहतर बनाने में मदद करते है।

END